Unani Services


    प्रथम दृष्टि

  • भारत वर्ष में प्राचीन काल से ही स्वास्थ्य के प्रति आम जनमानस जड़ी - बूटियों पर ही निर्भर रहा है। तथा आज भी ग्रामीण एवं सुदूर अंचलों में स्वास्थ्य हेतु जड़ी - बूटियों पर ही निर्भरता है। इसी तरीके को यूनानी इलाज के नाम से जाना जाता है। मुगल कालीन शासन के भारत में आगमन के साथ ही यूनानी इलाज का तरीका भी आया । उस दौर में यह तरीका बहुत प्रचलित रहा एवं प्रगति के पथ पर बढ़ता रहा । उसके बाद ब्रिटिश शासन के दौरान भी यूनानी इलाज का तरीका बहुतायत से अपनाया जाता रहा। आज के भौतिकवादी परिप्रेक्ष्य में भी तमाम असाध्य रोगों में यूनानी इलाज अपनी अहम भूमिका निभा रहा है। इस तरीके को आज प्रदेश के सुदूरतम एवं अत्यंत ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाने हेतु यूनानी निदेशालय प्रयासरत एवं कटिबद्ध है।
  • 1. कुल जनपद - 75
  • 2. राजकीय यूनानी मेडिकल कॉलेज की संख्या - 02
  • क - राजकीय तकमील उत्तिब कॉलेज, झवाई टोला, हकीम अब्दुल अजीज रोड, लखनऊ।
  • ख - राजकीय यूनानी मेडिकल कॉलेज, हिम्मतगंज, इलाहाबाद।
  • 3. राजकीय यूनानी औषधि निर्माणशाला, मोहान रोड, लखनऊ - 01
  • 4. कुली जनपद जहां यूनानी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हैं - 68
  • 5. कुल यूनानी चिकित्सालयों की संख्या - 254
  • 6. कुल चिकित्साधिकारी यूनानी के स्वीकृत पद - 264
  • 7. कुल चीफ फार्मासिस्ट यूनानी के स्वीकृत पद - 10
  • 8. कुल पुलिस फार्मासिस्ट यूनानी के स्वीकृत पद – 264
  • 1. राजकीय युनानी मेडिकल कॉलेज संख्या - 01
  • • राजकीय तकमील उत्तिब कॉलेज, झवाई टोला, हकीम अब्दुल अजीज रोड, लखनऊ ।
  • 2. मेडिकल कॉलेज से संबद्ध चिकित्सालय - 01
  • • पता - उपरोक्त
    • उपलब्ध ओ0पी0डी (बहिरंग) - 07
  • • अंतरंग विभाग – 100 शैय्या
  • • इलाज विद तदबीर (रेजीमिनल थिरैपी) की इकाई ।
  • 3. राज्य सरकार के अधीन संचालित यूनानी चिकित्सालयों की संख्या - 09
  • • राजभवन
    • हाईकोर्ट
    • सचिवालय
    • भददीखेड़ा
    • बेहटा
    • बिजनौर
    • दुबग्गा
    • महोना
    • खुशहालगंज
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